श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.312.39 
यक्ष उवाच
मा तात साहसं कार्षीर्मम पूर्वपरिग्रह:।
प्रश्नानुक्त्वा तु कौन्तेय तत: पिब हरस्व च॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने कहा- पितामह! जल पीने का दुस्साहस मत करो। मैंने इस जल पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया है। कुन्तीकुमार! पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, फिर जल पीकर ले जाओ।
 
Yaksha said- Father! Do not dare to drink the water. I have already established my right over this water. Kuntikumar! First answer my questions, then drink the water and take it away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)