श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.312.20 
अथाब्रवीत् स विजयं कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:।
भ्रातरौ ते चिरगतौ बीभत्सो शत्रुकर्शन॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर कुन्तीकुमार युधिष्ठिर ने अर्जुन से कहा- 'शत्रुनाशन बिभत्सो! आपके दोनों भाइयों को गये काफी समय हो गया है. 20॥
 
Thereafter Kuntikumar Yudhishthir said to Arjun - 'Shatrunashan Bibhatso! It's been a long time since your two brothers left. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)