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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना
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श्लोक 16
श्लोक
3.312.16
सहदेवस्तथेत्युक्त्वा तां दिशं प्रत्यपद्यत।
ददर्श च हतं भूमौ भ्रातरं नकुलं तदा॥ १६॥
अनुवाद
तब सहदेव 'बहुत अच्छा' कहकर उस दिशा में चल पड़े। वहाँ पहुँचकर उन्होंने देखा कि उनका भाई नकुल भूमि पर मृत पड़ा है।
Then Sahadeva said 'very good' and started walking in that direction. On reaching there he saw that his brother Nakul was lying dead on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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