Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.312.12: यक्ष ने कहा- पितामह! इस सरोवर का जल पीने का साहस मत करो। इस पर मेरा अधिकार है। माद्रीकुमार! पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, फिर जल पीकर ले जाओ॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यक्ष ने कहा- पितामह! इस सरोवर का जल पीने का साहस मत करो। इस पर मेरा अधिकार है। माद्रीकुमार! पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, फिर जल पीकर ले जाओ॥12॥
Yaksha said- Father! Do not dare to drink the water of this lake. I already have a claim on it. Madrikumar! First answer my questions, then drink the water and take it away.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥