श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 311: ब्राह्मणकी अरणि एवं मन्थन-काष्ठका पता लगानेके लिये पाण्डवोंका मृगके पीछे दौड़ना और दु:खी होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.311.4 
अनुभुक्तफलाहारा: सर्व एव मिताशना:।
न्यवसन् पाण्डवास्तत्र कृष्णया सह भार्यया॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वहाँ सब पाण्डव अपनी पत्नी द्रौपदी के साथ रहते थे, सीमित भोजन करके, केवल फल खाकर निर्वाह करते थे ॥4॥
 
There all the Pandavas lived with their wife Draupadi, surviving on limited food, eating only fruits. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)