Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.311.17: कुछ दूर जाने पर उन्होंने उस मृग को अपने निकट ही देखा, तब महाबली पाण्डवों ने उस पर कर्णी, नालिक और नाराच नामक बाण चलाने आरम्भ किए; परन्तु उसे देखते हुए भी वे उसे छेद न सके॥17॥ | mahabharat अध्याय 3.311: ब्राह्मणकी अरणि एवं मन्थन-काष्ठका पता लगानेके लिये पाण्डवोंका मृगके पीछे दौड़ना और दु:खी होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ दूर जाने पर उन्होंने उस मृग को अपने निकट ही देखा, तब महाबली पाण्डवों ने उस पर कर्णी, नालिक और नाराच नामक बाण चलाने आरम्भ किए; परन्तु उसे देखते हुए भी वे उसे छेद न सके॥17॥
After going some distance, they saw the deer very near to them. Then the mighty Pandavas started shooting arrows named Karni, Nalik and Narach at it; but despite looking at it, they could not pierce it.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥