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mahabharat 3.310.19: हे कर्ण! इन वस्तुओं को अपनी इच्छानुसार परिवर्तित कर लो। मेरे वज्र को छोड़कर, जो भी अस्त्र तुम्हें पसंद हो, वह मुझसे मांग लो।   |   mahabharat अध्याय 3.310: इन्द्रका कर्णको अमोघ शक्ति देकर बदलेमें उसके कवच-कुण्डल लेना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 310: इन्द्रका कर्णको अमोघ शक्ति देकर बदलेमें उसके कवच-कुण्डल लेना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.310.19 
काममस्तु तथा तात तव कर्ण यथेच्छसि।
वर्जयित्वा तु मे वज्रं प्रवृणीष्व यथेच्छसि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे कर्ण! इन वस्तुओं को अपनी इच्छानुसार परिवर्तित कर लो। मेरे वज्र को छोड़कर, जो भी अस्त्र तुम्हें पसंद हो, वह मुझसे मांग लो।
 
O dear Karna! Let these things be changed according to your liking. Except my Vajra, ask me for any weapon you like.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)