Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.31.15: अतः हे शुभ रानी द्रौपदी! तुम्हें मूढ़ विचारों से ईश्वर और धर्म पर आक्रमण और संदेह नहीं करना चाहिए। 15॥   |   mahabharat अध्याय 3.31: युधिष्ठिरद्वारा द्रौपदीके आक्षेपका समाधान तथा ईश्वर, धर्म और महापुरुषोंके आदरसे लाभ और अनादरसे हानि   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 31: युधिष्ठिरद्वारा द्रौपदीके आक्षेपका समाधान तथा ईश्वर, धर्म और महापुरुषोंके आदरसे लाभ और अनादरसे हानि  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.31.15 
अतो नार्हसि कल्याणि धातारं धर्ममेव च।
राज्ञि मूढेन मनसा क्षेप्तुं शङ्कितुमेव च॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अतः हे शुभ रानी द्रौपदी! तुम्हें मूढ़ विचारों से ईश्वर और धर्म पर आक्रमण और संदेह नहीं करना चाहिए। 15॥
 
So, auspicious Queen Draupadi! You should not attack and doubt God and religion with foolish thoughts. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)