Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.309.7: वह बालक प्रातःकालीन सूर्य के समान तेजस्वी था। उसने अपने शरीर पर स्वर्ण कवच धारण किया हुआ था। उसके कानों में लटकते दो चमकीले कुंडलों से उसका मुखमंडल प्रकाशित हो रहा था। | mahabharat अध्याय 3.309: अधिरथ सूत तथा उसकी पत्नी राधाको बालक कर्णकी प्राप्ति, राधाके द्वारा उसका पालन, हस्तिनापुरमें उसकी शिक्षा-दीक्षा तथा कर्णके पास इन्द्रका आगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह बालक प्रातःकालीन सूर्य के समान तेजस्वी था। उसने अपने शरीर पर स्वर्ण कवच धारण किया हुआ था। उसके कानों में लटकते दो चमकीले कुंडलों से उसका मुखमंडल प्रकाशित हो रहा था।
That child was as radiant as the morning sun. He wore a golden armour on his body. His face was lit up by two bright earrings hanging in his ears. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥