श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 309: अधिरथ सूत तथा उसकी पत्नी राधाको बालक कर्णकी प्राप्ति, राधाके द्वारा उसका पालन, हस्तिनापुरमें उसकी शिक्षा-दीक्षा तथा कर्णके पास इन्द्रका आगमन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.309.5 
सा तु कौतूहलात् प्राप्तां ग्राहयामास भाविनी।
ततो निवेदयामास सूतस्याधिरथस्य वै॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जिज्ञासावश भामिनी राधा ने सेवकों से बक्सा जब्त करवाकर अधिरथ सूत को इसकी सूचना दी।
 
Out of curiosity Bhamini Radha had the servants seize the box and informed Adhiratha Suta about it.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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