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mahabharat 3.309.20: महाराज! जब से अर्जुन और कर्ण ने एक-दूसरे को देखा था, तब से कर्ण अर्जुन से प्रतिस्पर्धा करता था और अर्जुन भी कर्ण से प्रतिस्पर्धा करता था।   |   mahabharat अध्याय 3.309: अधिरथ सूत तथा उसकी पत्नी राधाको बालक कर्णकी प्राप्ति, राधाके द्वारा उसका पालन, हस्तिनापुरमें उसकी शिक्षा-दीक्षा तथा कर्णके पास इन्द्रका आगमन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 309: अधिरथ सूत तथा उसकी पत्नी राधाको बालक कर्णकी प्राप्ति, राधाके द्वारा उसका पालन, हस्तिनापुरमें उसकी शिक्षा-दीक्षा तथा कर्णके पास इन्द्रका आगमन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.309.20 
सदा हि तस्य स्पर्धाऽऽसीदर्जुनेन विशाम्पते।
अर्जुनस्य च कर्णेन यतो दृष्टो बभूव स:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब से अर्जुन और कर्ण ने एक-दूसरे को देखा था, तब से कर्ण अर्जुन से प्रतिस्पर्धा करता था और अर्जुन भी कर्ण से प्रतिस्पर्धा करता था।
 
King! Ever since Arjuna and Karna saw each other, Karna used to compete with Arjuna and Arjuna also used to compete with Karna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)