Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.309.15: वह वीर और श्रेष्ठ अधिरथ पुत्र सूत अंगदेश में पला-बढ़ा और दिन-प्रतिदिन बढ़ता गया। कुन्ती ने गुप्तचरों को भेजकर पता लगाया था कि दिव्य कवचों से विभूषित मेरा पुत्र अधिरथ के घर में पल रहा है।॥15॥ | mahabharat अध्याय 3.309: अधिरथ सूत तथा उसकी पत्नी राधाको बालक कर्णकी प्राप्ति, राधाके द्वारा उसका पालन, हस्तिनापुरमें उसकी शिक्षा-दीक्षा तथा कर्णके पास इन्द्रका आगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह वीर और श्रेष्ठ अधिरथ पुत्र सूत अंगदेश में पला-बढ़ा और दिन-प्रतिदिन बढ़ता गया। कुन्ती ने गुप्तचरों को भेजकर पता लगाया था कि दिव्य कवचों से विभूषित मेरा पुत्र अधिरथ के घर में पल रहा है।॥15॥
That valiant and excellent son of Adhiratha Suta was brought up in Angadesh and grew day by day. Kunti had sent spies to find out that her son, adorned with divine armour, was being raised in Adhiratha's house.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥