Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.308.23: जनमेजय! आधी रात के समय कमल नेत्रों वाली कुन्ती अपने पुत्र के वियोग में दुःख से व्याकुल होकर उसे देखने की लालसा से अपनी माता के साथ नदी के तट पर बहुत देर तक विलाप करती रही। | mahabharat अध्याय 3.308: कर्णका जन्म, कुन्तीका उसे पिटारीमें रखकर जलमें बहा देना और विलाप करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय! आधी रात के समय कमल नेत्रों वाली कुन्ती अपने पुत्र के वियोग में दुःख से व्याकुल होकर उसे देखने की लालसा से अपनी माता के साथ नदी के तट पर बहुत देर तक विलाप करती रही।
Janamejaya! At midnight Kunti with lotus eyes, overwhelmed with grief for the loss of her son, wept for a long time on the bank of the river along with her mother, longing to see him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥