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धन्या द्रक्ष्यन्ति पुत्र त्वां भूमौ संसर्पमाणकम्।
अव्यक्तकलवाक्यानि वदन्तं रेणुगुण्ठितम्॥ २०॥
अनुवाद
‘पुत्र! जब तू पेट के बल धरती पर रेंगेगा और मधुर, अस्पष्ट भाषा बोलेगा, उस समय जो लोग तेरे धूलियुक्त शरीर को देखेंगे, वे धन्य होंगे।
‘Son! When you will crawl on the earth on your stomach and speak in a sweet, unintelligible language, blessed will be those who will see your dusty body at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥