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mahabharat 3.308.12: जल में उसके स्वामी राजा वरुण तुम्हारी रक्षा करें। अन्तरिक्ष में निवास करने वाले सर्वव्यापी वायुदेव तुम्हारी रक्षा करें॥12॥   |   mahabharat अध्याय 3.308: कर्णका जन्म, कुन्तीका उसे पिटारीमें रखकर जलमें बहा देना और विलाप करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 308: कर्णका जन्म, कुन्तीका उसे पिटारीमें रखकर जलमें बहा देना और विलाप करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.308.12 
पातु त्वां वरुणो राजा सलिले सलिलेश्वर:।
अन्तरिक्षेऽन्तरिक्षस्थ: पवन: सर्वगस्तथा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जल में उसके स्वामी राजा वरुण तुम्हारी रक्षा करें। अन्तरिक्ष में निवास करने वाले सर्वव्यापी वायुदेव तुम्हारी रक्षा करें॥12॥
 
‘May its lord King Varuna protect you in the water. May the omnipresent Vayudev who resides in the space protect you.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)