Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.308.1: वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! इस प्रकार जैसे चन्द्रमा आकाश में उदित होता है, उसी प्रकार ग्यारहवें महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को भगवान सूर्य द्वारा कुन्ती के गर्भ में गर्भ स्थापित हो गया॥1॥ | mahabharat अध्याय 3.308: कर्णका जन्म, कुन्तीका उसे पिटारीमें रखकर जलमें बहा देना और विलाप करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! इस प्रकार जैसे चन्द्रमा आकाश में उदित होता है, उसी प्रकार ग्यारहवें महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को भगवान सूर्य द्वारा कुन्ती के गर्भ में गर्भ स्थापित हो गया॥1॥
Vaishampayanji says- Rajan! In this way, just as the moon rises in the sky, in the same way Pratipada of the Shukla Paksha of the eleventh month, the womb was established in the womb of Kunti by Lord Surya. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥