Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.307.27: वैशम्पायन कहते हैं: ऐसा कहकर राजा कुन्ती की पुत्री पृथा पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना करती हुई अत्यन्त लज्जा और मोह से व्याकुल होकर कटी हुई लता के समान पवित्र शय्या पर गिर पड़ी। | mahabharat अध्याय 3.307: सूर्यद्वारा कुन्तीके उदरमें गर्भस्थापन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं: ऐसा कहकर राजा कुन्ती की पुत्री पृथा पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना करती हुई अत्यन्त लज्जा और मोह से व्याकुल होकर कटी हुई लता के समान पवित्र शय्या पर गिर पड़ी।
Vaishmpayana says: Having said this, Pritha, the daughter of King Kunti, praying to Lord Surya for a son, overcome by extreme shame and fascination, fell on the sacred bed like a cut vine.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥