Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.307.12: भगवान सूर्य ने कहा - शुचिस्मिते! वररोहे! तुम्हारा कल्याण हो। तुम मेरी बात सुनो। तुम्हारे पिता, माता या अन्य गुरुजन तुम्हें (इस कार्य से) रोकने में समर्थ नहीं हैं। 12॥ | mahabharat अध्याय 3.307: सूर्यद्वारा कुन्तीके उदरमें गर्भस्थापन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूर्य उवाच
न ते पिता न ते माता गुरवो वा शुचिस्मिते।
प्रभवन्ति वरारोहे भद्रं ते शृणु मे वच:॥ १२॥
अनुवाद
भगवान सूर्य ने कहा - शुचिस्मिते! वररोहे! तुम्हारा कल्याण हो। तुम मेरी बात सुनो। तुम्हारे पिता, माता या अन्य गुरुजन तुम्हें (इस कार्य से) रोकने में समर्थ नहीं हैं। 12॥
Lord Surya said – Shuchismite! Vararohe! May you be well. You listen to me. Your father, mother or other teachers are not able to stop you (from this work). 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥