Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.306.19-20: भामिनी! ये इन्द्र आदि सभी देवता आकाश में खड़े होकर मेरी ओर देखकर मुस्कुरा रहे हैं और इस भावना से देख रहे हैं कि मैं तुम्हारे द्वारा किस प्रकार ठगा गया हूँ? इन देवताओं को देखो। मैंने तुम्हें दिव्य दृष्टि पहले ही दे दी है, जिससे तुम मुझे देख सकते हो॥19-20॥ | mahabharat अध्याय 3.306: कुन्तीके द्वारा सूर्यदेवताका आवाहन तथा कुन्ती-सूर्य-संवाद । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भामिनी! ये इन्द्र आदि सभी देवता आकाश में खड़े होकर मेरी ओर देखकर मुस्कुरा रहे हैं और इस भावना से देख रहे हैं कि मैं तुम्हारे द्वारा किस प्रकार ठगा गया हूँ? इन देवताओं को देखो। मैंने तुम्हें दिव्य दृष्टि पहले ही दे दी है, जिससे तुम मुझे देख सकते हो॥19-20॥
Bhamini! All these gods like Indra etc. are standing in the sky and smilingly looking at me with this feeling that how I have been cheated by you? Look at these gods. I have already given you divine sight, through which you can see me.॥ 19-20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥