Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.306.11: भद्रे! मैं आपके मन्त्रबल से आकर्षित होकर आपके वश में आ गया हूँ। राजकुमारी! कहिए, आपके वश में होकर मैं कौन-सा कार्य करूँ? आप जो कहेंगी, मैं करूँगा।॥11॥   |   mahabharat अध्याय 3.306: कुन्तीके द्वारा सूर्यदेवताका आवाहन तथा कुन्ती-सूर्य-संवाद   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 306: कुन्तीके द्वारा सूर्यदेवताका आवाहन तथा कुन्ती-सूर्य-संवाद  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.306.11 
आगतोऽस्मि वशं भद्रे तव मन्त्रबलात्कृत:।
किं करोमि वशो राज्ञि ब्रूहि कर्ता तदस्मि ते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भद्रे! मैं आपके मन्त्रबल से आकर्षित होकर आपके वश में आ गया हूँ। राजकुमारी! कहिए, आपके वश में होकर मैं कौन-सा कार्य करूँ? आप जो कहेंगी, मैं करूँगा।॥11॥
 
Bhadra! I have come under your control, attracted by the power of your mantra. Princess! Tell me, what work should I do under your control? I will do whatever you say.'॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)