Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.305.23: राजा को ब्राह्मण को गायब देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ और उसने अपनी पुत्री कुन्ती का बड़ा आदर-सत्कार किया। | mahabharat अध्याय 3.305: कुन्तीकी सेवासे संतुष्ट होकर तपस्वी ब्राह्मणका उसको मन्त्रका उपदेश देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तु राजा द्विजं दृष्ट्वा तत्रैवान्तर्हितं तदा।
बभूव विस्मयाविष्ट: पृथां च समपूजयत्॥ २३॥
अनुवाद
राजा को ब्राह्मण को गायब देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ और उसने अपनी पुत्री कुन्ती का बड़ा आदर-सत्कार किया।
The king was astonished to see the Brahmin disappear, and he honoured his daughter Kunti with great respect. 23.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि कुण्डलाहरणपर्वणि पृथाया मन्त्रप्राप्तौ पञ्चाधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३०५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत कुण्डलाहरणपर्वमें पृथाको मन्त्रकी प्राप्तिविषयक तीन सौ पाँचवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३०५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥