Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.304.6: हे भोले राजन! आपकी मानसिक चिन्ता दूर हो। मैं वही करने का प्रयत्न करूँगा जिससे यह तपस्वी ब्राह्मण प्रसन्न हो और आपके लिए हितकर हो। | mahabharat अध्याय 3.304: कुन्तीका पितासे वार्तालाप और ब्राह्मणकी परिचर्या । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् प्रियं च द्विजस्यास्य हितं चैव तवानघ।
यतिष्यामि तथा राजन् व्येतु ते मानसो ज्वर:॥ ६॥
अनुवाद
हे भोले राजन! आपकी मानसिक चिन्ता दूर हो। मैं वही करने का प्रयत्न करूँगा जिससे यह तपस्वी ब्राह्मण प्रसन्न हो और आपके लिए हितकर हो।
O innocent king! Your mental anxiety should be relieved. I will try to do the same thing that pleases this ascetic Brahmin and is beneficial for you. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥