Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.304.1: कुंती बोली - हे राजन! मैं नियमों से बंधी रहूँगी और आपके वचन के अनुसार इस तपस्वी ब्राह्मण की सेवा और पूजा के लिए सदैव उपस्थित रहूँगी। हे राजन! मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ। | mahabharat अध्याय 3.304: कुन्तीका पितासे वार्तालाप और ब्राह्मणकी परिचर्या । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्त्युवाच
ब्राह्मणं यन्त्रिता राजन्नुपस्थास्यामि पूजया।
यथाप्रतिज्ञं राजेन्द्र न च मिथ्या ब्रवीम्यहम्॥ १॥
अनुवाद
कुंती बोली - हे राजन! मैं नियमों से बंधी रहूँगी और आपके वचन के अनुसार इस तपस्वी ब्राह्मण की सेवा और पूजा के लिए सदैव उपस्थित रहूँगी। हे राजन! मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ।
Kunti said - O King! I will remain bound by the rules and will always be present to serve and worship this ascetic Brahmin as per your promise. O King! I am not lying.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥