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mahabharat 3.303.24: तुम वसुदेव की बहन और मेरी संतानों में सबसे बड़ी हो। पहले उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि वे अपनी पहली संतान तुम्हें देंगे। तदनुसार उन्होंने तुम्हें मेरी गोद में रखा है, अतः तुम मेरी दत्तक पुत्री हो॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 3.303: कुन्तिभोजके यहाँ ब्रह्मर्षि दुर्वासाका आगमन तथा राजाका उनकी सेवाके लिये पृथाको आवश्यक उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.303.24 
वसुदेवस्य भगिनी सुतानां प्रवरा मम।
अग्रॺमग्रे प्रतिज्ञाय तेनासि दुहिता मम॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तुम वसुदेव की बहन और मेरी संतानों में सबसे बड़ी हो। पहले उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि वे अपनी पहली संतान तुम्हें देंगे। तदनुसार उन्होंने तुम्हें मेरी गोद में रखा है, अतः तुम मेरी दत्तक पुत्री हो॥ 24॥
 
You are the sister of Vasudev and the eldest of my children. Earlier he had pledged that he would give his first child to you. Accordingly, he has placed you in my lap, hence you are my adopted daughter.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)