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mahabharat 3.302.16: इस शर्त पर कि तुम अपने कुण्डल इंद्र को दे दो। कर्ण! उस शक्ति का प्रयोग करके तुम युद्ध में अपने शत्रुओं का संहार करोगे।   |   mahabharat अध्याय 3.302: सूर्य-कर्ण-संवाद, सूर्यकी आज्ञाके अनुसार कर्णका इन्द्रसे शक्ति लेकर ही उन्हें कुण्डल और कवच देनेका निश्चय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.302.16 
इत्येव नियमेन त्वं दद्या: शक्राय कुण्डले।
तया त्वं कर्ण संग्रामे हनिष्यसि रणे रिपून्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इस शर्त पर कि तुम अपने कुण्डल इंद्र को दे दो। कर्ण! उस शक्ति का प्रयोग करके तुम युद्ध में अपने शत्रुओं का संहार करोगे।
 
On this condition you should give your earrings to Indra. Karna! By using that power you will kill your enemies in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)