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mahabharat 3.301.9: इस विषय में एक दिव्य आध्यात्मिक रहस्य है। इसीलिए मैं तुमसे कह रहा हूँ कि जो कुछ मैंने तुमसे कहा है, उसे तुम निर्भय होकर करो॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.301: सूर्यका कर्णको समझाते हुए उसे इन्द्रको कुण्डल न देनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 301: सूर्यका कर्णको समझाते हुए उसे इन्द्रको कुण्डल न देनेका आदेश देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.301.9 
अस्ति चात्र परं किञ्चिदध्यात्मं देवनिर्मितम्।
अतश्च त्वां ब्रवीम्येतत् क्रियतामविशङ्कया॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इस विषय में एक दिव्य आध्यात्मिक रहस्य है। इसीलिए मैं तुमसे कह रहा हूँ कि जो कुछ मैंने तुमसे कहा है, उसे तुम निर्भय होकर करो॥9॥
 
There is a divine spiritual secret in this matter. That is why I am telling you to fearlessly do what I have told you.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)