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श्लोक 3.301.9  |
अस्ति चात्र परं किञ्चिदध्यात्मं देवनिर्मितम्।
अतश्च त्वां ब्रवीम्येतत् क्रियतामविशङ्कया॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| इस विषय में एक दिव्य आध्यात्मिक रहस्य है। इसीलिए मैं तुमसे कह रहा हूँ कि जो कुछ मैंने तुमसे कहा है, उसे तुम निर्भय होकर करो॥9॥ |
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| There is a divine spiritual secret in this matter. That is why I am telling you to fearlessly do what I have told you.॥ 9॥ |
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