Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.300.25: हे सूर्यदेव! संसार में सभी लोग मेरी इस प्रतिज्ञा से परिचित हैं कि यदि कोई श्रेष्ठ ब्राह्मण मुझसे प्रार्थना करे तो मैं उसे अवश्य अपना जीवन दान दे सकता हूँ। | mahabharat अध्याय 3.300: सूर्यका स्वप्नमें कर्णको दर्शन देकर उसे इन्द्रको कुण्डल और कवच न देनेके लिये सचेत करना तथा कर्णका आग्रहपूर्वक कुण्डल और कवच देनेका ही निश्चय रखना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सूर्यदेव! संसार में सभी लोग मेरी इस प्रतिज्ञा से परिचित हैं कि यदि कोई श्रेष्ठ ब्राह्मण मुझसे प्रार्थना करे तो मैं उसे अवश्य अपना जीवन दान दे सकता हूँ।
O Sun God! Everyone in the world is fully aware of my vow that if a noble Brahmin requests me, I can certainly give up my life to him. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥