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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 30: दु:खसे मोहित द्रौपदीका युधिष्ठिरकी बुद्धि, धर्म एवं ईश्वरके न्यायपर आक्षेप
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श्लोक 7
श्लोक
3.30.7
भीमसेनार्जुनौ चोभौ माद्रेयौ च मया सह।
त्यजेस्त्वमिति मे बुद्धिर्न तु धर्मं परित्यजे:॥ ७॥
अनुवाद
मुझे विश्वास है कि तुम मुझे, भीमसेन, अर्जुन, नकुल और सहदेव को भी त्याग दोगे, किन्तु धर्म को नहीं त्यागोगे।
I am sure that you will abandon me, Bhimasena, Arjun, Nakula and Sahadeva as well, but you will not abandon Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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