इसके विपरीत यदि पापकर्म कर्ता को नहीं मिलता, तो इसका कारण शक्ति है (ईश्वर शक्तिशाली है, इसीलिए उसे पापकर्म का फल नहीं मिलता)। ऐसी स्थिति में मुझे दुर्बल मनुष्यों पर दया आती है ॥ 43॥
On the contrary, if the sinful act does not come to the doer, then the reason for this is power (God is powerful, that is why he does not get the result of sinful act). In that case I feel sorry for the weak people. ॥ 43॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि अर्जुनाभिगमनपर्वणि द्रौपदीवाक्ये त्रिंशोऽध्याय:॥ ३०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत अर्जुनाभिगमनपर्वमें द्रौपदीवाक्यविषयक तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)