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श्लोक  3.30.24 
आकाश इव भूतानि व्याप्य सर्वाणि भारत।
ईश्वरो विदधातीह कल्याणं यच्च पापकम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! ईश्वर आकाश के समान है और सब जीवों में व्याप्त है तथा उनके कर्मानुसार उनके सुख-दुःख का निर्धारण करता है।
 
Bharat! God is like the sky and pervades all living beings and determines their happiness and sorrows according to their karma. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)