श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.299.14 
एवमात्मा पिता माता श्वश्रू: श्वशुर एव च।
भर्तु: कुलं च सावित्र्या सर्वं कृच्छ्रात् समुद्‍धृतम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सावित्री ने स्वयं को, अपने माता-पिता, सास-ससुर, ससुर तथा अपने पति के सम्पूर्ण परिवार को एक बड़ी विपत्ति से बचा लिया।
 
In this way Savitri saved herself, her parents, her parents-in-law, her father-in-law and her husband's entire family from a huge calamity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)