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mahabharat 3.299.13: इसी प्रकार मालवी के गर्भ से मद्रराज अश्वपति ने भी सावित्री के सौ भाई-बहनों को जन्म दिया, जो बड़े पराक्रमी थे ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.299.13 
भ्रातॄणां सोदराणां च तथैवास्याभवच्छतम्।
मद्राधिपस्याश्वपतेर्मालव्यां सुमहद् बलम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार मालवी के गर्भ से मद्रराज अश्वपति ने भी सावित्री के सौ भाई-बहनों को जन्म दिया, जो बड़े पराक्रमी थे ॥13॥
 
Similarly, from Malavi's womb, Madraraj Ashwapati also gave birth to Savitri's hundred siblings, who were very powerful. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)