Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.299.12: तदनन्तर, बहुत समय के पश्चात् सावित्री के गर्भ से सौ पुत्र उत्पन्न हुए, जिन्होंने उसकी कीर्ति बढ़ाई। वे सभी वीर थे और युद्ध में कभी पीछे नहीं हटते थे। 12॥ | mahabharat अध्याय 3.299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, बहुत समय के पश्चात् सावित्री के गर्भ से सौ पुत्र उत्पन्न हुए, जिन्होंने उसकी कीर्ति बढ़ाई। वे सभी वीर थे और युद्ध में कभी पीछे नहीं हटते थे। 12॥
Subsequently, after a long time, a hundred sons were born from Savitri's womb who increased her fame. All of them were brave and never backed down in battle. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥