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mahabharat 3.299.11: वहाँ पहुँचकर पुरोहितों ने बड़े हर्ष के साथ द्युमत्सेन का अभिषेक किया। साथ ही उनके महाबुद्धिमान पुत्र सत्यवान का भी युवराज पद पर अभिषेक किया गया।   |   mahabharat अध्याय 3.299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.299.11 
ततोऽभिषिषिचु: प्रीत्या द्युमत्सेनं पुरोहिता:।
पुत्रं चास्य महात्मानं यौवराज्येऽभ्यषेचयन्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पहुँचकर पुरोहितों ने बड़े हर्ष के साथ द्युमत्सेन का अभिषेक किया। साथ ही उनके महाबुद्धिमान पुत्र सत्यवान का भी युवराज पद पर अभिषेक किया गया।
 
On reaching there the priests anointed Dyumatsena with great joy. Along with that his great minded son Satyavan was also anointed as the crown prince.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)