श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 299: शाल्वदेशकी प्रजाके अनुरोधसे महाराज द्युमत्सेनका राज्याभिषेक कराना तथा सावित्रीको सौ पुत्रों और सौ भाइयोंकी प्राप्ति  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.299.10 
शैब्या च सह सावित्र्या स्वास्तीर्णेन सुवर्चसा।
नरयुक्तेन यानेन प्रययौ सेनया वृता॥ १०॥
 
 
अनुवाद
शैब्या अपनी पुत्रवधू सावित्री के साथ शयन-बिस्तर से सुसज्जित तथा अनेक कुलियों द्वारा खींचे गए एक सुंदर रथ पर सवार होकर सेना से घिरी हुई चल पड़ी।
 
Shaibya along with her daughter-in-law Savitri rode on a beautiful chariot decorated with bedding and carried by many porters and set out surrounded by the army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)