Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.298.5: उनके पैरों में छाले पड़ गए थे, वे कठोर हो गए थे और घावों के कारण खून से लथपथ हो गए थे, फिर भी वे दम्पति उन्हीं पैरों से पागलों की तरह इधर-उधर दौड़ रहे थे। उस समय उनके शरीर काँटों और कुशा से छिद गए थे। | mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके पैरों में छाले पड़ गए थे, वे कठोर हो गए थे और घावों के कारण खून से लथपथ हो गए थे, फिर भी वे दम्पति उन्हीं पैरों से पागलों की तरह इधर-उधर दौड़ रहे थे। उस समय उनके शरीर काँटों और कुशा से छिद गए थे।
Their feet had blisters on them, they had become hard and were soaked in blood due to the wounds, yet with the same feet the couple was running here and there like madmen. At that time their bodies were pierced by thorns and kusha grass. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥