Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.298.43: ऋषि बोले - 'हे पतिव्रता स्त्री! राजा द्युमत्सेन का परिवार नाना प्रकार के कष्टों से ग्रस्त होकर दुःख के अंधकारमय गर्त में डूब रहा था; किन्तु तुम्हारे समान सुशील, व्रतनिष्ठ और शुद्ध आचरण वाली कुलीन वधू ने आकर उस परिवार का उद्धार किया। | mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषि बोले - 'हे पतिव्रता स्त्री! राजा द्युमत्सेन का परिवार नाना प्रकार के कष्टों से ग्रस्त होकर दुःख के अंधकारमय गर्त में डूब रहा था; किन्तु तुम्हारे समान सुशील, व्रतनिष्ठ और शुद्ध आचरण वाली कुलीन वधू ने आकर उस परिवार का उद्धार किया।
The sage said, 'O devoted wife! The family of King Dyumatsena was sinking in the dark pit of sorrow, afflicted with various calamities; but a noble bride like you, who was well behaved, devoted to fasts and had pure conduct, came and saved it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥