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mahabharat 3.298.38: जब सिर में दर्द के कारण उसे नींद आ गई, तब स्वयं यमराज अपने सेवक के साथ वहां पहुंचे और उसे बांधकर दक्षिण दिशा की ओर ले गए।   |   mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.298.38 
सुप्तं चैनं यम: साक्षादुपागच्छत् सकिङ्कर:।
स एनमनयद् बद्‍ध्वा दिशं पितृनिषेविताम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
जब सिर में दर्द के कारण उसे नींद आ गई, तब स्वयं यमराज अपने सेवक के साथ वहां पहुंचे और उसे बांधकर दक्षिण दिशा की ओर ले गए।
 
When he fell asleep due to the pain in his head, Lord Yamraj himself arrived with his servant. They tied him up and took him towards the south. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)