vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना
»
श्लोक 21
श्लोक
3.298.21
ततो मुहूर्तात् सावित्री भर्त्रा सत्यवता सह।
आजगामाश्रमं रात्रौ प्रहृष्टा प्रविवेश ह॥ २१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् दो घण्टे बाद सावित्री अपने पति सत्यवान के साथ रात्रि में वहाँ पहुँची और बड़े आनन्द के साथ आश्रम में प्रवेश किया।
Thereafter in two hours Savitri arrived there with her husband Satyavan at night and entered the Ashram with great joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×