श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.298.21 
ततो मुहूर्तात् सावित्री भर्त्रा सत्यवता सह।
आजगामाश्रमं रात्रौ प्रहृष्टा प्रविवेश ह॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दो घण्टे बाद सावित्री अपने पति सत्यवान के साथ रात्रि में वहाँ पहुँची और बड़े आनन्द के साथ आश्रम में प्रवेश किया।
 
Thereafter in two hours Savitri arrived there with her husband Satyavan at night and entered the Ashram with great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)