Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.298.2: हे भरतश्रेष्ठ! वे अपनी पत्नी शैब्या के साथ सभी आश्रमों में जाकर अपने पुत्र को ढूँढ़ने लगे। उस समय उन्हें सत्यवान के लिए बड़ी पीड़ा हो रही थी॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! वे अपनी पत्नी शैब्या के साथ सभी आश्रमों में जाकर अपने पुत्र को ढूँढ़ने लगे। उस समय उन्हें सत्यवान के लिए बड़ी पीड़ा हो रही थी॥ 2॥
O best of the Bharatas! He, along with his wife Shaibya, went to all the ashramas and started looking for his son. At that time he was in great pain for Satyavan.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥