Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.90: मेरी माँ बूढ़ी है। मेरे पिता भी बूढ़े हैं। मैं ही उन दोनों का एकमात्र सहारा हूँ। मैं सोचता हूँ कि यदि वे रात में मुझे न देखें, तो उनकी क्या दशा होगी ॥90॥ | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माता वृद्धा पिता वृद्धस्तयोर्यष्टिरहं किल।
तौ रात्रौ मामपश्यन्तौ कामवस्थां गमिष्यत:॥ ९०॥
अनुवाद
मेरी माँ बूढ़ी है। मेरे पिता भी बूढ़े हैं। मैं ही उन दोनों का एकमात्र सहारा हूँ। मैं सोचता हूँ कि यदि वे रात में मुझे न देखें, तो उनकी क्या दशा होगी ॥90॥
My mother is old. My father is also old. I am the only support for both of them. I wonder what condition they will reach if they don't see me at night.॥90॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥