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mahabharat 3.297.88: 'बेटा! तुम्हारे बिना हम दो पल भी जीवित नहीं रह सकते। बेटा! जब तक तुम जीवित हो, हमारा जीवन भी निश्चित है।'   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  3.297.88 
त्वया हीनौ न जीवाव मुहूर्तमपि पुत्रक।
यावद् धरिष्यसे पुत्र तावन्नौ जीवितं ध्रुवम्॥ ८८॥
 
 
अनुवाद
'बेटा! तुम्हारे बिना हम दो पल भी जीवित नहीं रह सकते। बेटा! जब तक तुम जीवित हो, हमारा जीवन भी निश्चित है।'
 
‘Son! Without you we cannot live even for two moments. Son! As long as you are alive, our life is also certain. 88.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)