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mahabharat 3.297.73: तब सावित्री ने उनसे कहा, "राजकुमार! रात्रि बहुत लम्बी हो रही है। कल प्रातःकाल मैं आपको सब कुछ विस्तारपूर्वक बताऊँगी।"   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  3.297.73 
तमुवाचाथ सावित्री रजनी व्यवगाहते।
श्वस्ते सर्वं यथावृत्तमाख्यास्यामि नृपात्मज॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
तब सावित्री ने उनसे कहा, "राजकुमार! रात्रि बहुत लम्बी हो रही है। कल प्रातःकाल मैं आपको सब कुछ विस्तारपूर्वक बताऊँगी।"
 
Then Savitri said to him, "Prince! The night is getting longer. Tomorrow morning I will tell you everything in detail." 73
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)