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mahabharat 3.297.62: यमराज के चले जाने के बाद सावित्री अपने पति को ढूंढ़कर उसी स्थान पर गई जहां उसके पति का मृत शरीर पड़ा था।62.   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  3.297.62 
सावित्र्यपि यमे याते भर्तारं प्रतिलभ्य च।
जगाम तत्र यत्रास्या भर्तु: शावं कलेवरम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
यमराज के चले जाने के बाद सावित्री अपने पति को ढूंढ़कर उसी स्थान पर गई जहां उसके पति का मृत शरीर पड़ा था।62.
 
After Yamraj left, Savitri found her husband and went to the same place where her husband's dead body was lying. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)