Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.44: यमराज बोले - कल्याणी! तुमने जो कहा है, वैसा मैंने तुम्हारे अतिरिक्त किसी और से नहीं सुना। शुभ! मैं तुम्हारी बातों से बहुत संतुष्ट हूँ; सत्यवान के जीवन के अतिरिक्त कोई चौथा वर मांग लो और यहाँ से लौट जाओ। | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यमराज बोले - कल्याणी! तुमने जो कहा है, वैसा मैंने तुम्हारे अतिरिक्त किसी और से नहीं सुना। शुभ! मैं तुम्हारी बातों से बहुत संतुष्ट हूँ; सत्यवान के जीवन के अतिरिक्त कोई चौथा वर मांग लो और यहाँ से लौट जाओ।
Yamraj said - Kalyani! I have never heard anything like what you have said from anyone else except you. Shubh! I am very satisfied with your words; ask for a fourth boon other than Satyavan's life and return from here. 44.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥