Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.39: यमराज बोले - शुभ! तुम्हारे सौ तेजस्वी पुत्र होंगे जो तुम्हारे पिता के वंश को आगे बढ़ाएँगे। राजकुमारी! तुम्हारी यह इच्छा भी पूरी हो गई। अब लौट जाओ, तुम मार्ग से बहुत दूर भटक गई हो। | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यम उवाच
कुलस्य सन्तानकरं सुवर्चसं
शतं सुतानां पितुरस्तु ते शुभे।
कृतेन कामेन नराधिपात्मजे
निवर्त दूरं हि पथस्त्वमागता॥ ३९॥
अनुवाद
यमराज बोले - शुभ! तुम्हारे सौ तेजस्वी पुत्र होंगे जो तुम्हारे पिता के वंश को आगे बढ़ाएँगे। राजकुमारी! तुम्हारी यह इच्छा भी पूरी हो गई। अब लौट जाओ, तुम मार्ग से बहुत दूर भटक गई हो।
Yamraj said - Shubh! You will have hundred brilliant sons who will carry forward the lineage of your father's family. Princess! This wish of yours has also been fulfilled. Now go back, you have strayed far from the path.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥