Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.297.34: सावित्री बोली - हे प्रभु! आप इन सभी लोगों को वश में रखते हैं और इन्हें नियंत्रित करके अपनी इच्छानुसार विभिन्न लोकों में ले जाते हैं। इसीलिए आपका नाम 'यम' सर्वत्र प्रसिद्ध है। मेरी बात सुनिए।   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  3.297.34 
सावित्र्युवाच
प्रजास्त्वयैता नियमेन संयता
नियम्य चैता नयसे निकामया।
ततो यमत्वं तव देव विश्रुतं
निबोध चेमां गिरमीरितां मया॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
सावित्री बोली - हे प्रभु! आप इन सभी लोगों को वश में रखते हैं और इन्हें नियंत्रित करके अपनी इच्छानुसार विभिन्न लोकों में ले जाते हैं। इसीलिए आपका नाम 'यम' सर्वत्र प्रसिद्ध है। मेरी बात सुनिए।
 
Savitri said - O lord! You keep all these people under control and by regulating them you take them to different worlds according to your wish. That is why your name 'Yama' is famous everywhere. Listen to what I say.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)