Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.31: यमराज बोले - भामिनी! तुमने सबके हित के लिए जो कहा है, वह मेरे अनुकूल है और विद्वानों की बुद्धि भी बढ़ाने वाला है; अतः सत्यवान के जीवन को छोड़कर कोई अन्य वर मांग लो। | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यमराज बोले - भामिनी! तुमने सबके हित के लिए जो कहा है, वह मेरे अनुकूल है और विद्वानों की बुद्धि भी बढ़ाने वाला है; अतः सत्यवान के जीवन को छोड़कर कोई अन्य वर मांग लो।
Yamraj said - Bhamini! What you have said for the benefit of all is in my favor and will also increase the wisdom of learned people; therefore, except for the life of Satyavan, ask for some other boon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥