Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.28: यमराज बोले - अनिन्दिते! मैं तुम्हें वरदान देता हूँ। तुमने जो कुछ कहा है, ठीक वैसा ही होगा। मैं देख रहा हूँ कि तुम पैदल चलने के कारण बहुत थक गए हो। अब लौट जाओ, ताकि तुम्हें अधिक परिश्रम न करना पड़े॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यम उवाच
ददानि तेऽहं तमनिन्दिते वरं
यथा त्वयोक्तं भविता च तत् तथा।
तवाध्वना ग्लानिमिवोपलक्षये
निवर्त गच्छस्व न ते श्रमो भवेत्॥ २८॥
अनुवाद
यमराज बोले - अनिन्दिते! मैं तुम्हें वरदान देता हूँ। तुमने जो कुछ कहा है, ठीक वैसा ही होगा। मैं देख रहा हूँ कि तुम पैदल चलने के कारण बहुत थक गए हो। अब लौट जाओ, ताकि तुम्हें अधिक परिश्रम न करना पड़े॥ 28॥
Yamraj said - Anindite! I give you a boon. Whatever you have said, it will happen exactly like that. I see that you are very tired due to walking. Now go back, so that you do not have to work too hard.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥