Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.297.15: मार्कण्डेयजी कहते हैं - युधिष्ठिर! जब सावित्री ने इस प्रकार पूछा, तब पितामह यमराज ने उसे प्रिय करने के लिए अपना सारा अभिप्राय विस्तारपूर्वक बताना आरम्भ किया॥15॥ | mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मार्कण्डेयजी कहते हैं - युधिष्ठिर! जब सावित्री ने इस प्रकार पूछा, तब पितामह यमराज ने उसे प्रिय करने के लिए अपना सारा अभिप्राय विस्तारपूर्वक बताना आरम्भ किया॥15॥
Markandeyaji says- Yudhishthir! When Savitri asked in this manner, the patriarch Lord Yam started telling her all his intentions in detail in order to endear her to her. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥